मात और गतिरोध: चाल न होना हमेशा जीत नहीं
प्रतिद्वंद्वी चल नहीं सकता, फिर भी बाज़ी बराबरी पर खत्म होती है: शुरुआत में यह अक्सर चौंकाता है। मात और गतिरोध में फर्क समझें। दोनों में पक्ष के पास वैध चाल नहीं होती, लेकिन एक प्रश्न परिणाम तय करता है: क्या उसका राजा अभी शह में है?
पहले शह जाँचें
शह का मतलब विरोधी मोहरा राजा पर हमला कर रहा है। जहाँ संभव हो, राजा हटाकर, हमलावर मारकर या रास्ता रोककर हमला हटाना जरूरी है। मात में कोई वैध जवाब मदद नहीं करता। राजा कभी हटाया नहीं जाता: बाज़ी पहले खत्म होती है। केवल राजा की जगह कम होने पर मात न घोषित करें; दूसरा मोहरा रक्षा कर सकता है।
हाथी की चाल मात क्यों है
काला राजा h8 पर है और प्यादे g7 तथा h7 पर हैं। सफेद पक्ष d2–d8 खेलकर आठवीं पंक्ति में राजा पर हमला करता है। हाथी g8 भी नियंत्रित करता है, जबकि काले पक्ष के अपने प्यादे g7 और h7 घेरे हैं। दोनों में से कोई प्यादा हाथी से राजा तक का रास्ता नहीं रोक सकता और कोई मोहरा हाथी नहीं मार सकता। यह मात है, केवल जोरदार शह नहीं।
गतिरोध कैसे होता है
मानें कि काला राजा h8, सफेद वज़ीर f7 और राजा g6 पर हैं, और चाल काले पक्ष की है। h8 के राजा पर हमला नहीं है। लेकिन वज़ीर g8 और h7 नियंत्रित करता है, और सफेद मोहरे g7 नियंत्रित करते हैं। कोई और काला मोहरा नहीं है, इसलिए वैध चाल नहीं: गतिरोध और बराबरी। अतिरिक्त वज़ीर होने पर आम गलती राजा का आखिरी खाना बिना शह छीनना और वैध जवाब जाँचना भूलना है।
सावधानी से अंत करें
निर्णायक चाल से पहले शह और संभावित जवाब पहचानें: बचना, मारना या रास्ता रोकना। शह नहीं होगी तो जगह और सीमित करने से पहले प्रतिद्वंद्वी की कम से कम एक वैध चाल खोजें। मात दोहराएँ और ‘आखिरी पंक्ति पर मात’ आज़माएँ। कंप्यूटर के साथ बाज़ी में अंतिम परिणाम शब्दों में समझाएँ। अंत समझना जीत के संदेश का इंतज़ार करने से ज्यादा उपयोगी है।
नियम और स्रोत
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